Friday, 8 May 2015

Indian Judiciary lets Salman Khan buy time... again!

डरने की क्या बात है, सल्लूभाई? यह भारतीय अदालत है,
भगवान का न्यायलय थोड़ी न है? यहाँ देर और अंधेर दोनों हैं.
तारीख पे तारीख लेते रहो, और मज़े करो, यार !
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